नस्लवाद पर अभिनव मुकुंद का जोरदार जवाब, सिर्फ गोरा रंग ही लवली या हैंडसम नहीं होता-

भारतीय क्रिकेटर अभिनव मुकंुद ने सोशल मीडिया पर नस्लवादी टिप्पणियों पर करारा जवाब देते हुए कहा है कि अपनी त्वचा के रंग के कारण वह खुद बरसों से यह अपमान झेलते आए हैं, अपने ट्विटर पेज पर एक बयान में मुंकुद ने त्वचा के रंग को लेकर भेजे गए कुछ संदेशों पर निराशा जताई है। मुकंुद ने श्रीलंका के खिलाफ मौजुदा सीरीज में पहला टेस्ट खेलकर दुसरी पारी में 81 रन बनाए थें।
तमिलनाडु के इस बल्लेबाज ने ट्विटर पर शेयर किए गए अपने बयान में स्पष्ट किया है कि उनके बयान में भारतीय क्रिकेट टीम के किसी सदस्य से कोई सरोकार नहीं है। उन्होने कहा मै कोई हमदर्दी या तवज्जो लेने के लिए यह नहीं लिख रहा हुं मै लोगो की मानसिकता बदलना चाहता हुं।
मैं 15 वर्ष की उम्र से देश के भीतर और बाहर घुमता आया हुं बचपन से मेरी चमडी के रंग को लेकर लोगो का रवैया मेरे लिए हैरानी का सबब रहा। और उन्होने कहा मैने सोचा था कि क्रिकेट खेलने से रंग काला हो गया है। तथा चेन्नई सबसे गर्म इलाको में से एक है।