पाकिस्तान में भारत को लेकर तकरार, राजदूत अब्दुल बासित और एजाज अहमद चौधरी के बीच-

   पाकिस्तान के दो राजदूत अब्दुल बासित और एजाज अहमद चौधरी के बीच भारत को लेकर तकरार हो गई। जो चिट्ठी सोशल मीडिया में आई है उसमें बासित ने भारत के साथ उफा में पाकिस्तान के संयुक्त बयान को लेकर सवाल उठाए हैं, जिससे साफ पता लगता है कि चौधरी के विदेश सचिव रहते हुए बासित भारत को लेकर पाकिस्तान की रणनीति से नाखुश थे।

– बासित ने अपनी चिट्ठी में उफा में भारत और पाकिस्तान के संयुक्त बयान को उदाहरण के तौर पर पेश करते हुए एजाज को चिट्ठी में लिखा था, ‘आप बहुत बुरे विदेश सचिव हैं। उफा में संयुक्त बयान और मानवाधिकार परिषद में पाकिस्तान की अपमानजक हार मेरी बातों को साबित करने के लिए काफी हैं।’

– यह बयान पीएम नरेंद्र मोदी और तत्कालीन पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ के बीच द्विपक्षीय वार्ता के बाद जारी हुआ था। इस बयान में दोनों देशों ने हर स्वरूप में आतंकवाद की कड़ी निंदा की थी और दक्षिण एशिया से आतंकवाद को खत्म करने पर सहयोग के लिए सहमति जताई थी। दूसरी ओर अक्टूबर 2015 में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की सदस्यता के लिए हुए चुनाव में पाकिस्तान बुरी तरह हार गया था।

– एजाज चौधरी दिसंबर 2013 से फरवरी 2017 तक पाकिस्तान के विदेश सचिव थे। फरवरी में उन्हें वॉशिंगटन में पाकिस्तान का उच्चायुक्त नियुक्त किया गया। यह चिट्ठी 25 जुलाई 2017 को चौधरी के विदेश मंत्री के तौर पर विदाई पत्र के संदर्भ में जारी की गई है। यह पत्र उनके सरकारी लेटर हेड पर है, जब वह नई दिल्ली में पाकिस्तान के उच्चायुक्त थे। यह पत्र सोशल मीडिया पर आ गया है। इस चिट्ठी पर भारत में पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त के हस्ताक्षर भी हैं। चिट्ठी में बासित ने लिखा है, ‘मैं जितनी बार सोचता हूं उतनी बार यह मानता हूं कि आप अब तक के सबसे बुरे विदेश मंत्री रहें हैं।’ बासित ने चिट्ठी में लिखा है, ‘मुझे चिंता इस बात की है कि आप वॉशिंगटन में पाकिस्तान के उच्चायुक्त के तौर पर भी बुरे ही रहेंगे। इसकी वजहें बेहद सामान्य हैं। अव्वल तो आप कूटनीति जैसे संवेदनशील प्रफेशन के लिए बने ही नहीं हैं।’