आरबीआई स्थापना से लेकर अब तक , कब-कब रहे सरकार से मतभेद-

भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना वर्ष 1935 में देश में एक केंद्रीय बैंक के रूप् में हुई थी । प्रथम गोलमेज सम्मेलन की उपसमिति ने साफ साफ शब्दों में कहा था कि इसकी नींव किसी भी राजनितिक प्रभाव से पुरी तरह से अलग स्थापना करने कि आवश्यकता है। जिसके लिए हमें कोई भी कसर नहीं छोडनी चाहिए। उपसमिति ने इसके साथ ही यह भी कहा था कि रिजर्व बैंक को मुद्रा के साथ साथ मुद्रा विनिमय के प्रबंधन की अत्यंत महत्वपुर्ण जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
सर ओसबोर्न स्मिथ को भारतीय रिजर्व बैंक का प्रथम गवर्नर जनरल बनाया गया। सर स्मिथ की नियुक्ति करते समय यह सुनिश्चित करने की भरसक कोशिश की गई थी कि आरबीआई के प्रथम गवर्नर एक ऐसे व्यक्ति होंगे जिन पर बैंक ऑफ इंग्लैड का पुर्ण भरोसा हो।
प्रथम गवर्नर ने औपचारिक रूप से इस पद से इस्तिफा दे दिया। इनके बाद रिजर्व बैंक का गवर्नर जनरल सी डी देशमुख को बनाया गया। और अतंराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक के सम्बंध बनाये। तथा बाद में नेहरू जी ने इनके प्रति नाराजगी जताई