तीन तलाक: सुप्रीम कोर्ट का फैसला सुनते ही छलक आई इनकी आंखे-

सुप्रीम कोर्ट की तरफ से तीन तलाक को खत्म किए जाने के बाद पीड़ित मुस्लिम महिलाओं की आंखे भर आई. एबीपी न्यूज़ के न्यूज़रुम में मौजूद कई पीड़ित महिलाओं ने कोर्ट के इस फैसले पर अपनी खुशी जताई और कहा कि हमारे साथ जो हुआ वो हुआ लेकिन इस फैसले से अब आने वाली पीढ़ी को बड़ी राहत मिली है.

सुप्रीम कोर्ट ने खत्म किया तीन तलाक, मुस्लिम महिलाओं को मिली बड़ी राहत

इलाहाबाद की जीनत अली का दर्द

   इलाहाबाद की जीनत अली ने एबीपी न्यूज़ से कहा, ‘’मेरे पति ने मुझे सड़क पर खड़ा कर दिया. मैंने दर दर की ठोकरे खाई. कई दिनों तक खाना नहीं खाया.’’ उन्होंने बताया कि मेरा बेटा पांच साल का था जब मुझे मेरे पति ने घर से बाहर निकाल दिया था.  जीनत ने कहा कि अब समय बदल गया है. आज उन लोगों के मुंह पर तमाचा लगा है जो तीन तलाक को सही ठहरा रहे थे.

तीन तलाक: मुस्लिम संगठनों ने किया सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्‍वागत

 हम ही जानते हैं हम पर क्या बीती है- आफरीन रहमान 

एबीपी न्यूज़ के न्यूज़रुम में मौजूद सुप्रीम कोर्ट में याचिका डालने वाली एक पीड़ित मुस्लिम महिला आफरीन रहमान ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर खुशी जताई है. उन्होंने कहा है कि हम ही जानते हैं कि तीन तलाक से हमारी जिंदगी पर क्या असर पड़ा है. इस फैसले से अब आने वाली पीढ़ी की जिंदगी बदल जाएगी.’’ इस दौरान आफऱीन की आंखे नम हो गईं.                  न्यूज़रूम में मौजूद  पीड़ित शबनम ने कहा, ”तीन तलाक ने हमारी जिंदगी खेल बना दी है. ये क्या तरीका है कि शादी कर ली और जब चाहे तलाक दे दिया. हमारी जिंदगी बर्बाद कर दी है. मेरे पिता की टेंशन से दिमाग की नस फट गई है. हमारे दिल पर क्या गुजर रहा है ये सिर्फ हम ही जानते हैं.”